नई दिल्ली,शिखर दर्पण संवाददाता।
सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इस मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने नियमों की मंशा और प्रभाव पर गंभीर सवाल खड़े किए।सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि “हमने जातिविहीन समाज की दिशा में अब तक कितना कुछ हासिल किया है। क्या अब हम उल्टी दिशा में चल रहे हैं?” कोर्ट ने केंद्र सरकार की उस व्यवस्था पर भी आपत्ति जताई, जिसमें SC/ST छात्रों के लिए अलग हॉस्टल जैसी व्यवस्थाओं की बात कही गई है।CJI ने केंद्र से स्पष्ट शब्दों में कहा कि “ऐसा मत कीजिए।

आरक्षित समुदायों में भी ऐसे लोग हैं जो अब समृद्ध हो चुके हैं। कुछ समुदाय दूसरों की तुलना में बेहतर सुविधाओं का आनंद ले रहे हैं।”पीठ ने यह भी कहा कि UGC के नए नियमों की परिभाषा पूरी तरह अस्पष्ट है और इसके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने टिप्पणी की कि कुछ विशेषज्ञ इन नियमों में संशोधन की सलाह दे सकते हैं।सुप्रीम कोर्ट ने विश्वविद्यालय परिसरों में स्वतंत्र और समान वातावरण बनाए रखने पर ज़ोर देते हुए कहा कि जब तक मौजूदा 3E प्रणाली लागू है, तब तक 3C प्रणाली की प्रासंगिकता समझ से परे है। कोर्ट ने सवाल उठाया कि क्या यह व्यवस्था अनावश्यक नहीं है।इन सभी बिंदुओं को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए नियमों पर फिलहाल रोक लगाते हुए केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है।