सलैया स्टेशन रोड की बदहाली पर आंदोलन रंग लाया, डीआरएम ने लिया संज्ञान।
SHIKHAR DARPANSunday, May 24, 2026
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गिरिडीह,शिखर दर्पण संवाददाता।
सलैया रेलवे स्टेशन पहुंच पथ की जर्जर सड़क को लेकर लगातार उठ रही यात्रियों की आवाज अब असर दिखाने लगी है। पिछले छह रविवार से सामाजिक कार्यकर्ता राजेश सिन्हा और गौतम सोनी के नेतृत्व में सलैया स्टेशन परिसर में बैठक एवं जनचर्चा आयोजित की जा रही है। इस आंदोलन के बाद धनबाद मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) कार्यालय ने मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। डीआरएम कार्यालय की ओर से बताया गया कि सड़क निर्माण एवं मरम्मति का कार्य राज्य सरकार के आरसीडी विभाग द्वारा किया जाना है। विभाग की ओर से रेलवे से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मांगा गया है और प्रक्रिया जारी है। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार से एनओसी प्रक्रिया पूरी होते ही सड़क निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। सलैया संघर्ष मोर्चा के सक्रिय सदस्य गौतम सोनी ने कहा कि यात्रियों की समस्याओं को सोशल मीडिया और जनआंदोलन के माध्यम से लगातार उठाया गया, जिसका परिणाम अब सामने आने लगा है।
उन्होंने संघर्ष मोर्चा के साथियों के प्रयासों को सराहनीय बताते हुए कहा कि जनहित की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। सामाजिक कार्यकर्ता राजेश सिन्हा ने कहा कि गिरिडीह कई बड़ी सुविधाओं से वंचित रह गया है और अब सलैया स्टेशन व सड़क निर्माण जैसे मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों को गंभीरता दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पचंबा-सलैया क्षेत्र नगर निगम की बड़ी आबादी के लिए महत्वपूर्ण है तथा न्यू गिरिडीह स्टेशन रोड और सलैया रेलवे रोड का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। तुलसी राणा ने बताया कि पचंबा क्षेत्र शिक्षा हब के रूप में विकसित हो रहा है। इंजीनियरिंग कॉलेज और लॉ कॉलेज का शिलान्यास पचंबा हौसला के पास हो चुका है, जो सलैया स्टेशन से लगभग एक किलोमीटर दूरी पर स्थित है।
ऐसे में छात्रों और स्थानीय लोगों के लिए यह स्टेशन काफी उपयोगी साबित होगा। वहीं अमित छापरिया ने कहा कि गिरिडीह क्षेत्र में तीन-तीन सांसद होने के बावजूद आज भी लोग कोलकाता और पटना के लिए सीधी ट्रेन सुविधा का इंतजार कर रहे हैं। संतोष पांडे ने मांग की कि कोडरमा–मधुपुर रेलखंड पर चलने वाली इंटरसिटी एवं एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव सलैया स्टेशन पर सुनिश्चित किया जाए ताकि पचंबा, आठ नंबर क्षेत्र तथा जमुआ–गांडेय क्षेत्र के ग्रामीणों को सीधा लाभ मिल सके। इस दौरान कन्हैया खेतान, छोटेलाल राणा, निशु, मिथलेश, करण कृपालु और गंगाधर सहित संघर्ष मोर्चा के अन्य सदस्यों के प्रयासों की भी सराहना की गई।आंदोलनकारियों ने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।